ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय , जम्मू-कश्मीर : जम्मू-कश्मीर के रामनगर में हालिया भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रामनगर के वार्ड नंबर 8 में सक्रिय भूस्खलन के कारण कई रिहायशी मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। जमीन खिसकने की वजह से प्रभावित परिवारों के बीच दहशत का माहौल है।
लगातार बारिश के बाद पहाड़ी इलाकों में मिट्टी और चट्टानों के खिसकने का खतरा बढ़ गया है। हाल के दिनों में रामनगर-उधमपुर मार्ग पर भी भारी बारिश के चलते भूस्खलन हुआ था, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी थी।
स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ी चिंता उन मकानों को लेकर है, जो भूस्खलन की चपेट में आने की आशंका वाले क्षेत्र में स्थित हैं। जमीन में लगातार हो रहे बदलाव के कारण घरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में प्रभावित इलाकों में प्रशासन की निगरानी और समय रहते सुरक्षा कदम उठाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में इस वर्ष भारी बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क क्षति की घटनाएं सामने आई हैं। डोडा और किश्तवाड़ समेत कई पहाड़ी क्षेत्रों में भी बारिश के कारण मकानों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
रामनगर के वार्ड नंबर 8 के प्रभावित लोगों की मांग है कि प्रशासन मौके का तत्काल निरीक्षण करे और खतरे वाले मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए। बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।