ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय , वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से फोन पर बातचीत कर शहर में बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि आम नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 6 बजे राजघाट गेज साइट पर गंगा का जलस्तर 70.54 मीटर दर्ज किया गया। यह 70.262 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर है और पानी करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। हालांकि, गंगा का खतरे का निशान 71.262 मीटर है।
बढ़ते जलस्तर के बीच वाराणसी के कई निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें भी संवेदनशील इलाकों में सक्रिय हैं। प्रशासन ने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार करने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा सीधे अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेने को राहत और बचाव तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।