ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय,पटना: बिहार के सबसे महत्वपूर्ण लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर राज्य में तैयारियां तेज हो गई हैं। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस पर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए बिहार सरकार और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को राजधानी पटना के विभिन्न गंगा घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों पर साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, रोशनी, बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि छठ महापर्व के दौरान किसी भी व्रती या श्रद्धालु को परेशानी नहीं होनी चाहिए। घाटों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जाएं और सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्टीमर के माध्यम से नासरीगंज घाट से महावीर घाट तक विभिन्न गंगा घाटों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट घाट, गांधी घाट, पहलवान घाट, गुलाबी घाट, चौधरी टोला घाट, पथरी घाट, गायघाट और भद्र घाट सहित कई स्थानों पर तैयारियों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से घाटों की मौजूदा स्थिति और वहां चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा नदी के किनारे पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों तक पहुंचने के रास्ते सुरक्षित और सुविधाजनक होने चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि व्रतियों को सूर्यदेव को अर्घ्य देने के दौरान किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पटना में गंगा नदी के किनारे कुल 103 घाट हैं। इनमें से 91 घाटों को सुरक्षित घोषित किया गया है, जबकि पांच घाट खतरनाक श्रेणी में रखे गए हैं। इसके अलावा सात घाटों पर अभी काम जारी है।
खतरनाक घोषित घाटों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित घाटों पर ही पूजा करने की सुविधा मिले। जहां पानी की गहराई अधिक है, वहां मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने गंगा के जलस्तर और नदी के बहाव को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा। नदी के किनारे और घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यापक नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 552 अस्थायी शौचालय, 450 अस्थायी यूरिनल और 400 अस्थायी चेंजिंग रूम तैयार किए जा रहे हैं।
इसके अलावा 13 यात्री शेड और 171 वॉच टावर की व्यवस्था भी की गई है। इन सुविधाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चेंजिंग रूम, शौचालय और निगरानी व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।
छठ पूजा के दौरान पटना के गंगा घाटों पर शाम और सुबह लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में यातायात और भीड़ नियंत्रण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाटों तक आने-जाने वाले रास्तों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की जाम या अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
उन्होंने सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से लगातार जरूरी सूचनाएं प्रसारित करने का भी निर्देश दिया, ताकि लोगों को घाटों की सुरक्षा व्यवस्था, उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यक सावधानियों की जानकारी मिलती रहे।
छठ पूजा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए प्रशासन ने 21 सेक्टर गठित किए हैं। इन सेक्टरों में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
पटना नगर निगम, दानापुर नगर परिषद और संबंधित विभागों को घाटों की साफ-सफाई, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पटना नगर निगम की ओर से छठ महापर्व 2026 के लिए 92 घाटों और 103 तालाबों को तैयार किया जा रहा है। इन तालाबों में 37 कृत्रिम और 66 स्थायी तालाब शामिल हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य उन श्रद्धालुओं को भी पूजा की सुविधा देना है, जो किसी कारणवश गंगा घाटों तक नहीं पहुंच सकते।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निरीक्षण के दौरान बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद रहे। इसके अलावा सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, पटना की महापौर सीता साहू, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गृह, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, जल संसाधन और नगर विकास विभाग के अधिकारियों ने भी तैयारियों की जानकारी दी।
बिहार में छठ पूजा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में व्रती पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना करते हैं। इस दौरान डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
पटना में गंगा नदी के किनारे इस पर्व का विशेष उत्साह देखने को मिलता है। बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ घाटों पर पहुंचते हैं। इसलिए प्रशासन के लिए सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निरीक्षण के बाद प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को और गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया है कि छठ व्रतियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि सभी घाटों पर बैरिकेडिंग, रोशनी, सफाई, यातायात नियंत्रण और अन्य जरूरी सुविधाओं को समय रहते पूरा किया जाए।
फिलहाल पटना के गंगा घाटों पर छठ महापर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालु शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर सकें और लोक आस्था का यह महापर्व बिना किसी बाधा के संपन्न हो।