Home ফ্যাক্ট ফাইল পঞ্চায়েতের পাঁচ কাহন পৌর বার্তা জেলার চালচিত্র চাষী ভাই বলছি শরীর স্বাস্থ্য জেলার সেনাপতি মাঠে ময়দানে সম্পাদকিয় কলম
BREAKING NEWS
প্রবল দুর্যোগের আশঙ্কা! উত্তাল গঙ্গাসাগর, পুণ্যার্থী-পর্যটকদের সমুদ্রে নামায় নিষেধাজ্ঞা   •   সায়ন বন্দ্যোপাধ্যায়ের উপর হামলার প্রতিবাদে রানাঘাট আদালত চত্বরে আইনজীবীদের মিছিল   •   রাস্তা কি শুধু চলাচলের পথ, নাকি মানুষের নিরাপত্তার অধিকার?   •   খাদ্যাভ্যাসে পর্যাপ্ত ক্যালসিয়াম না পাওয়ার সম্ভাব্য লক্ষণগুলি কী কী?   •   করমপূজায় নৃত্য ঘিরে জয়নগরের বিজেপি নেতা সঞ্জয় সিনহাকে নিয়ে প্রশ্ন, এলাকায় উঠছে একাধিক অভিযোগ   •   ২৪ থেকে ২৬ সেপ্টেম্বর ভারী বৃষ্টি ও ঝড়ের সতর্কতা, কৃষকদের বিশেষ পরামর্শ

दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्री के बैग से चंदन की लकड़ी के 11 कंटेनर बरामद, कस्टम्स को सौंपा मामला

23 Sep 2026
04:44 PM

ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय,नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर सुरक्षा जांच के दौरान CISF ने एक विदेशी यात्री के हैंड बैगेज से चंदन की लकड़ी वाले 11 प्लास्टिक कंटेनर बरामद किए। घटना 22 सितंबर 2026 की बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 12 बजे इंटरनेशनल सिक्योरिटी होल्ड एरिया में एक्स-रे बैगेज स्क्रीनिंग के दौरान CISF कर्मियों की नजर यात्री के हैंड बैगेज में रखे संदिग्ध कंटेनरों पर पड़ी। यात्री को KAM Air की फ्लाइट RQ4402 से काबुल जाना था, जिसकी निर्धारित रवाना होने का समय दोपहर 2:10 बजे था।

CISF ने मामले की जानकारी तत्काल कस्टम्स विभाग को दी। इसके बाद कस्टम्स के सुपरिंटेंडेंट स्क्रीनिंग प्वाइंट पर पहुंचे और यात्री को बरामद सामान समेत आगे की जांच तथा कानूनी कार्रवाई के लिए कस्टम्स अधिकारियों को सौंप दिया गया।

बताया गया कि संबंधित एयरलाइन ने बाद में करीब 3:28 बजे यात्री को फ्लाइट से उतार दिया। मामले में आगे की जांच कस्टम्स विभाग द्वारा की जा रही है।

विदेश व्यापार से जुड़े नियमों के तहत चंदन की लकड़ी के निर्यात पर प्रतिबंध लागू है। DGFT की एक्सपोर्ट पॉलिसी में कुछ विशेष रूप से तैयार या स्वीकृत रूपों के लिए निर्धारित अपवाद और शर्तें मौजूद हैं।

यह कार्रवाई एयरपोर्ट पर प्रतिबंधित या नियंत्रित सामान की आवाजाही का पता लगाने और उसे रोकने में सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका को रेखांकित करती है। संबंधित अधिकार क्षेत्र वाले मामलों को तत्काल संबंधित विभाग को सौंपकर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा जाता है।