ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय, गुवाहाटी: असम के धुबरी जिले के चापर में रविवार को प्रस्तावित 3,200 मेगावाट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना का भूमि पूजन किया गया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने परियोजना की आधारशिला रखी। कार्यक्रम में अदानी समूह के निदेशक जीत अदानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
करीब 48,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना में 800-800 मेगावाट की चार इकाइयां प्रस्तावित हैं। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा और शुरुआती चरण में 800 मेगावाट क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। पूरी 3,200 मेगावाट क्षमता को 2035 तक हासिल करने का लक्ष्य बताया गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह परियोजना असम की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ राज्य की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। राज्य सरकार के अनुसार, परियोजना के निर्माण चरण में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जबकि संचालन शुरू होने के बाद भी हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
जीत अदानी ने कार्यक्रम में असम में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया और परियोजनाओं को जमीन पर तेजी से लागू करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चापर परियोजना से स्थानीय ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं और कारोबारियों के लिए भी अवसर पैदा होंगे।
परियोजना से उत्पादित बिजली को राज्य के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के लिए ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जा रहा है। असम इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड ने चापर से 3,200 मेगावाट बिजली के निकासी के लिए चरणबद्ध ट्रांसमिशन व्यवस्था की प्रक्रिया शुरू की है।
असम सरकार और अदानी समूह के अनुसार, यह परियोजना राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने और औद्योगिक विकास के लिए बिजली की उपलब्धता मजबूत करने की दिशा में एक प्रमुख पहल है।