ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय , नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। भाजपा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने 18 सितंबर को प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी को अपनी पार्टी के इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी जिन पार्टियों—टीएमसी और एनसीपी—का उदाहरण देकर भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं, उनका इतिहास कांग्रेस से अलग होने से भी जुड़ा रहा है।
भाजपा नेता ने ममता बनर्जी के कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस बनाने और शरद पवार के कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) बनाने का उल्लेख किया। उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने राजनीतिक इतिहास पर नजर डालनी चाहिए।
त्रिवेदी ने कांग्रेस के पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर, एच.डी. देवेगौड़ा और आई.के. गुजराल की सरकारों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक समर्थन वापस लेने और सरकारों को गिराने के आरोप लगाए। उन्होंने 1980 में नौ राज्यों की सरकारों को बर्खास्त किए जाने का भी उल्लेख किया।
इसी क्रम में सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को “भारतीय राजनीति का भस्मासुर” बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से अलग होकर कई नेताओं और दलों ने अपनी राजनीतिक राह बनाई। हालांकि, ये सभी टिप्पणियां भाजपा नेता द्वारा कांग्रेस के खिलाफ लगाए गए राजनीतिक आरोप और उनका राजनीतिक आकलन हैं।
राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से इस बयान पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़ा विवाद पहले से ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।