ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय, रामपुर: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर जिला जेल पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से मुलाकात की। इस मुलाकात को उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीति और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जेल में मुलाकात के बाद अखिलेश यादव आजम खान के आवास पर उनके परिवार के सदस्यों से भी मिलने पहुंचे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अखिलेश यादव को रामपुर जिला जेल में आजम खान से मुलाकात के लिए करीब 45 मिनट का समय दिया गया था। इस दौरे में आजम खान के छोटे बेटे अदीब आजम भी उनके साथ रहे।
अखिलेश यादव के रामपुर पहुंचने से पहले ही उनके दौरे का कार्यक्रम जारी हो गया था। इसके अनुसार, वह जौहर विश्वविद्यालय के हेलीपैड पर पहुंचने के बाद सीधे जिला जेल जाने वाले थे। जेल में मुलाकात के बाद उनके आजम खान के आवास पर जाकर परिवार से मिलने का कार्यक्रम भी तय था।
रामपुर दौरे से पहले अखिलेश यादव ने आजम खान और उनके परिवार के साथ हुए कथित अन्याय का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि आजम खान के साथ हुई ज्यादती किसी से छिपी नहीं है और समाजवादी पार्टी उनके न्याय के लिए संघर्ष करती रहेगी।
सपा प्रमुख का रुख स्पष्ट करता है कि पार्टी नेतृत्व आजम खान के मामले को राजनीतिक और कानूनी, दोनों स्तरों पर प्रमुखता से उठा रहा है। हालांकि, मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच किन विशिष्ट मुद्दों पर बातचीत हुई, इसका पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से सामने आना बाकी है।
आजम खान समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। रामपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका लंबे समय से प्रभाव रहा है। वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और रामपुर से सांसद भी रह चुके हैं।
आजम खान 17 नवंबर 2025 से रामपुर जिला जेल में बंद हैं। उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को वर्ष 2019 के दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में दोषी ठहराया गया था। इस मामले में दोनों को शुरू में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में आजम खान की सजा बढ़ाकर दस साल कर दी गई। उनके खिलाफ अन्य मामले भी लंबित हैं या विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं के अधीन हैं।
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी के लिए रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करना तथा अपने पारंपरिक समर्थकों से जुड़ाव बनाए रखना अहम राजनीतिक मुद्दे हैं।
आजम खान की क्षेत्रीय राजनीति में भूमिका को देखते हुए इस मुलाकात के कई संभावित राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। पार्टी के भीतर संगठनात्मक रणनीति, संभावित उम्मीदवारों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा होने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, इन विषयों पर दोनों नेताओं के बीच वास्तव में क्या बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब विपक्षी दलों के नेता समाजवादी पार्टी के नेतृत्व और मुस्लिम मतदाताओं के बीच उसके संबंधों को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव का रामपुर पहुंचना पार्टी की ओर से आजम खान के साथ राजनीतिक संबंधों को सार्वजनिक रूप से महत्व देने के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है।
अखिलेश यादव की रामपुर यात्रा से पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के आजम खान को लेकर दिए गए बयानों और रामपुर से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई थी। इस पृष्ठभूमि में अखिलेश यादव की मुलाकात को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक संपर्क और समर्थन बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, इस दौरे का उद्देश्य केवल चुनावी राजनीति तक सीमित था, ऐसा निश्चित रूप से कहना उचित नहीं होगा। आजम खान लंबे समय से जेल में हैं और उनके परिवार तथा कानूनी मामलों को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार अपनी प्रतिक्रिया देती रही है। इसलिए इस मुलाकात को पार्टी के पुराने राजनीतिक संबंधों और मौजूदा परिस्थितियों, दोनों के संदर्भ में समझना जरूरी है।
अखिलेश यादव के रामपुर दौरे पर भाजपा की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के सहयोगी दल के नेता ओम प्रकाश राजभर ने इस दौरे को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम मतदाताओं को साधने की कोशिश बताया।
इस तरह एक ही मुलाकात को लेकर दोनों पक्षों की राजनीतिक व्याख्याएं अलग-अलग हैं। समाजवादी पार्टी इसे अपने वरिष्ठ नेता के समर्थन और न्याय के मुद्दे से जोड़ रही है, जबकि उसके विरोधी इसे आगामी चुनावों की रणनीति के नजरिए से देख रहे हैं। इन बयानों को संबंधित नेताओं के राजनीतिक दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
जेल में मुलाकात पूरी करने के बाद अखिलेश यादव के आजम खान के जेल रोड स्थित आवास पर जाकर उनके परिवार से मिलने का कार्यक्रम था। यह मुलाकात भी दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा रही, क्योंकि आजम खान की कानूनी परेशानियों के बीच उनके परिवार और समाजवादी पार्टी के नेतृत्व के संबंध लगातार राजनीतिक चर्चा में रहे हैं।
पार्टी के लिए यह दौरा अपने वरिष्ठ नेता के प्रति समर्थन व्यक्त करने का अवसर भी था। हालांकि, परिवार के साथ बातचीत के विस्तृत विवरण या किसी नए राजनीतिक फैसले की आधिकारिक जानकारी सामने आए बिना उसके विषय में निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।